Saturday, 12 March 2016

लौट यहीं फिर आना तुम

उन क़िस्सों से जब थक जाओगे लौट इस दर पर आना तुम| बातें करनी सीख ली होंगी तो दिल का हाल सुनाना तुम| क्या-क्या खोया क्या है पाया सब मुझको बतलाना तुम| गर इश्क़ किया था सच्चा हमसे तो फिर से छोड़ ना जाना तुम| बीते बिसरी बातों को बस लबों पर ना ले आना तुम| ख्वाबों मे गुम हो जाने का वो तरीका मत अपनाना तुम|    आँखों मे आँखें डाले शिकवे सारे...